सूरह 12 · जुज़ 13
Yusuf · 12:93
اذْهَبُوا بِقَمِيصِي هَٰذَا فَأَلْقُوهُ عَلَىٰ وَجْهِ أَبِي يَأْتِ بَصِيرًا وَأْتُونِي بِأَهْلِكُمْ أَجْمَعِينَ
मेरा ये कुर्ता ले जाओ और मेरे पिता के मुँह पर डाल दो, वह देखने लगेंगे। और अपने पूरे घराने को (मिस्र) ले आओ।
तफ़सीर
चुनाँचे जब यूसुफ़ के भाइयों ने उन्हें बताया कि उनके पिता की आँखों की रोशनी चली गई है, तो उन्हें अपना कुर्ता दे दिया और कहा : मेरे इस कुर्ते को ले जाओ और इसे मेरे पिता के चेहरे पर डाल दो, उनकी आँखों की रोशनी लौट आएगी। फिर अपने तमाम घर वालों को मेरे पास ले आओ।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें