सूरह 12 · जुज़ 13
Yusuf · 12:84
وَتَوَلَّىٰ عَنْهُمْ وَقَالَ يَا أَسَفَىٰ عَلَىٰ يُوسُفَ وَابْيَضَّتْ عَيْنَاهُ مِنَ الْحُزْنِ فَهُوَ كَظِيمٌ
और उनसे मुँह फेर लिया और कहाः हाय यूसुफ़! और उसकी दोनों आँखें शोक के कारण (रोते-रोते) सफेद हो गयीं और उसका दिल शोक से भर गया।
तफ़सीर
वह उनसे मुँह फेरते हुए दूर हट गए और कहा : हाय मेरे दुःख की तीव्रता यूसुफ़ की जुदाई पर! और यूसुफ़ की जुदाई पर रोते-रोते उनकी आँखों के काले भाग सफ़ेद हो चुके थे। चुनाँचे उनका दिल शोक तथा दुःख से भरा हुआ था, वह अपने दुःख को लोगों से छिपाते थे।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें