सूरह 12 · जुज़ 13

Yusuf · 12:79

قَالَ مَعَاذَ اللَّهِ أَنْ نَأْخُذَ إِلَّا مَنْ وَجَدْنَا مَتَاعَنَا عِنْدَهُ إِنَّا إِذًا لَظَالِمُونَ

उस (यूसुफ) ने कहाः अल्लाह की शरण कि हम (किसी अन्य को) पकड़ लें, उसके सिवा जिसके पास अपना सामान पाया है। (यदि ऐसा न करें) तो हम वास्तव में अत्याचारी होंगे।

तफ़सीर

यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने कहा : इस बात से अल्लाह की शरण चाहते हैं कि हम एक अत्याचारी के अपराध के कारण एक निर्दोष पर अत्याचार करें और उसके अलावा किसी अन्य व्यक्ति को पकड़ ले, जिसकी बोरी में हमने राजा का मापक पाया है! यदि हमने ऐसा किया तो निश्चय हम अत्याचारी ठहरेंगे। क्योंकि हमने एक निर्दोष को दंडित किया और अपराधी को छोड़ दिया।

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