सूरह 12 · जुज़ 12

Yusuf · 12:6

وَكَذَٰلِكَ يَجْتَبِيكَ رَبُّكَ وَيُعَلِّمُكَ مِنْ تَأْوِيلِ الْأَحَادِيثِ وَيُتِمُّ نِعْمَتَهُ عَلَيْكَ وَعَلَىٰ آلِ يَعْقُوبَ كَمَا أَتَمَّهَا عَلَىٰ أَبَوَيْكَ مِنْ قَبْلُ إِبْرَاهِيمَ وَإِسْحَاقَ ۚ إِنَّ رَبَّكَ عَلِيمٌ حَكِيمٌ

और ऐसा ही होगा, तेरा पालनहार तुझे चुन लेगा तथा तुझे बातों का अर्थ सिखायेगा और तुझपर और याक़ूब के घराने पर अपना पुरस्कार पूरा करेगा[1]। जैसे इससे पहले तेरे पूर्वजों इब्राहीम और इस्ह़ाक़ पर पूरा किया। वास्तव में, तेरा पालनहार बड़ा ज्ञानी तथा गुणी है।
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1. यहाँ पुरस्कार से अभिप्राय नबी बनाना है। (तफ़्सीरे क़ुर्तुबी)

तफ़सीर

और जिस तरह तूने वह स्वप्न देखा है, वैसे ही (ऐ यूसुफ़!) तेरा पालनहार तुझे चुन लेगा और तुझे सपनों की व्याख्या का ज्ञान प्रदान करेगा। तथा तुझपर नुबुव्वत के द्वारा अपनी नेमत पूरी करेगा। जैसे कि तुझसे पूर्व उसने अपनी नेमत तेरे बाप-दादा : इबराहीम और इसहाक़ पर पूरी की थी। निःसंदेह तेरा पालनहार अपनी सृष्टि का ज्ञान रखने वाला और अपने प्रबंधन में हिकमत वाला है।

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