सूरह 12 · जुज़ 13
Yusuf · 12:59
وَلَمَّا جَهَّزَهُمْ بِجَهَازِهِمْ قَالَ ائْتُونِي بِأَخٍ لَكُمْ مِنْ أَبِيكُمْ ۚ أَلَا تَرَوْنَ أَنِّي أُوفِي الْكَيْلَ وَأَنَا خَيْرُ الْمُنْزِلِينَ
और जब उनका सामान तैयार कर दिया, तो कहाः अपने सौतीले भाई[1] को लाना। क्या तुम नहीं देखते कि मैं पूरा माप देता हूँ तथा उत्तम अतिथि-सत्कार करने वाला हूँ?
____________________
1. जो यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का सगा भाई बिनयामीन था।
____________________
1. जो यूसुफ़ अलैहिस्सलाम का सगा भाई बिनयामीन था।
तफ़सीर
और जब यूसुफ़ ने उनको वह अनाज और खाद्य-सामग्री दे दी, जो उन्होंने माँगी और जब उन्होंने बताया कि उनका एक बाप-शरीक (सौतेला) भाई है, जिसे वे उसके पिता के पास छोड़ आए हैं, तो कहा : तुम अपने बाप शरीक भाई को मेरे पास ले आना, मैं तुम्हें एक ऊँट के भार का ग़ल्ला अधिक दूँगा। क्या तुम नहीं देखते कि मैं पूरी माप देता हूँ, उसमें कमी नहीं करता और मैं सबसे अच्छा मेहमान नवाज़ हूँ।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें