सूरह 12 · जुज़ 12
Yusuf · 12:43
وَقَالَ الْمَلِكُ إِنِّي أَرَىٰ سَبْعَ بَقَرَاتٍ سِمَانٍ يَأْكُلُهُنَّ سَبْعٌ عِجَافٌ وَسَبْعَ سُنْبُلَاتٍ خُضْرٍ وَأُخَرَ يَابِسَاتٍ ۖ يَا أَيُّهَا الْمَلَأُ أَفْتُونِي فِي رُؤْيَايَ إِنْ كُنْتُمْ لِلرُّؤْيَا تَعْبُرُونَ
और (एक दिन) राजा ने कहाः मैं सात मोटी गायों को सपने में देखता हूँ, जिनको सात दुबली गायें खा रही हैं और सात हरी बालियाँ हैं और दूसरी सात सूखी हैं। हे प्रमुखो! मुझे मेरे स्वप्न के सम्बंध में बताओ, यदि तुम स्वप्न-फल बता सकते हो?
तफ़सीर
राजा ने कहा : मैंने सपने में देखा है कि सात मोटी गाएँ हैं, जिन्हें सात कमज़ोर गाएँ खा रही हैं। इसी तरह मैंने सात हरी बालियाँ और सात सूखी बालियाँ देखी हैं। ऐ प्रमुखो और गणमान्य लोगो! मुझे मेरे इस सपने का अर्थ बताओ, यदि तुम सपने का अर्थ जानने वाले हो।
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