सूरह 12 · जुज़ 12
Yusuf · 12:39
يَا صَاحِبَيِ السِّجْنِ أَأَرْبَابٌ مُتَفَرِّقُونَ خَيْرٌ أَمِ اللَّهُ الْوَاحِدُ الْقَهَّارُ
हे मेरे क़ैद के दोनों साथियो! क्या विभिन्न पूज्य उत्तम हैं या एक प्रभुत्वशाली अल्लाह??
तफ़सीर
फिर यूसुफ़ अलैहिस्सलाम ने जेल के अंदर दोनों युवकों को संबोधित करते हुए कहा : क्या कई देवी-देवताओं की पूजा अच्छा है या एक अल्लाह की इबादत करना, जिसका कोई साझी नहीं, जो सब पर प्रभुत्वशाली है, जिसे पराजित नही किया जा सकता।
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