सूरह 12 · जुज़ 13
Yusuf · 12:102
ذَٰلِكَ مِنْ أَنْبَاءِ الْغَيْبِ نُوحِيهِ إِلَيْكَ ۖ وَمَا كُنْتَ لَدَيْهِمْ إِذْ أَجْمَعُوا أَمْرَهُمْ وَهُمْ يَمْكُرُونَ
(हे नबी!) ये (कथा) परोक्ष के समाचारों में से है, जिसकी वह़्यी हम आपकी ओर कर रहे हैं। और आप उन (भाईयों) के पास नहीं थे, जब वे आपस की सहमति से षड्यंत्र रचते रहे।
तफ़सीर
यूसुफ़ और उनके भाइयों की यह उल्लिखित कहानी, हम इसकी (ऐ रसूल) आपकी ओर वह़्य कर रहे हैं। आपको इसकी जानकारी नहीं थी। क्योंकि आप यूसुफ़ के भाइयों के पास मौजूद नहीं थे, जब उन्होंने यूसुफ़ को कुएँ के अंदर डालने का निर्णय किया था और इसके लिए एक बड़ी चाल चली थी। लेकिन हमने आपकी ओर इसकी वह़्य की।
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