सूरह 114 · जुज़ 30
An-Nas · 114:5
الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ
जो लोगों के दिलों में भ्रम डालता रहता है।
तफ़सीर
जो लोगों के दिलों में अपना वसवसा डालता रहता है।
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सूरह 114 · जुज़ 30
الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ
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