सूरह 114 · जुज़ 30
An-Nas · An-Nas 114:1
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ
(हे नबी!) कहो कि मैं इन्सानों के पालनहार की शरण में आता हूँ।
तफ़सीर
(ऐ रसूल) आप कह दें कि मैं लोगों के पानलहारी की पनाह लेता हूँ और उसकी शरण में आता हूँ।
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