सूरह 11 · जुज़ 12
Hud · 11:69
وَلَقَدْ جَاءَتْ رُسُلُنَا إِبْرَاهِيمَ بِالْبُشْرَىٰ قَالُوا سَلَامًا ۖ قَالَ سَلَامٌ ۖ فَمَا لَبِثَ أَنْ جَاءَ بِعِجْلٍ حَنِيذٍ
और हमारे फ़रिश्ते इब्राहीम के पास शुभ सूचना लेकर आये। उन्होंने सलाम किया, तो उसने उत्तर में सलाम किया। फिर देर न हुई कि वह एक भुना हुआ वछड़ा[1] ले आये।
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1. अर्थात अतिथि सत्कार के लिये।
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1. अर्थात अतिथि सत्कार के लिये।
तफ़सीर
फ़रिश्ते इब्राहीम अलैहिस्सलाम के पास, उन्हें और उनकी पत्नी को इसहाक़ और फिर याक़ूब की शुभ सूचना देने के लिए पुरुषों के रूप में आए। फरिश्तों ने कहा : सलाम हो! तो इबराहीम अलैहिस्सलाम उन्हें यह कहकर उत्तर दिया : सलाम हो। फिर वह जल्दी से गए और उनके पास एक भुना हुआ बछड़ा लेकर आए; ताकि वे उससे खाएँ यह सोचकर कि वे पुरुष हैं।
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