सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:15

مَنْ كَانَ يُرِيدُ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا وَزِينَتَهَا نُوَفِّ إِلَيْهِمْ أَعْمَالَهُمْ فِيهَا وَهُمْ فِيهَا لَا يُبْخَسُونَ

जो व्यक्ति सांसारिक जीवन तथा उसकी शोभा चाहता हो, हम उनके कर्मों का (फल) उसीमें चुका देंगे और उनके लिए (संसार में) कोई कमी नहीं की जायेगी।

तफ़सीर

जो व्यक्ति अपने कर्म से सांसारिक जीवन और उसका नश्वर आनंद चाहता है, वह उससे आख़िरत का इरादा नहीं रखता, हम उन्हें उनके कर्मों का बदला इसी दुनिया में स्वास्थ्य, शांति और आजीविका में विस्तार के रूप में दे देते हैं, उनके कार्य के प्रतिफल में कुछ भी कमी नहीं की जाती।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें