सूरह 11 · जुज़ 12

Hud · 11:108

۞ وَأَمَّا الَّذِينَ سُعِدُوا فَفِي الْجَنَّةِ خَالِدِينَ فِيهَا مَا دَامَتِ السَّمَاوَاتُ وَالْأَرْضُ إِلَّا مَا شَاءَ رَبُّكَ ۖ عَطَاءً غَيْرَ مَجْذُوذٍ

और जो भाग्यवान हैं, वे स्वर्ग ही में सदैव रहेंगे, जब तक आकाश तथा धरती स्थित हैं। परन्तु आपका पालनहर कुछ और चाहे, ये प्रदान है अनवरत (निरन्तर)।

तफ़सीर

जहाँ तक भाग्यशाली लोगों की बात है, जिनके लिए उनके ईमान और अच्छे कार्यों के कारण पहले ही से अल्लाह की ओर से भाग्यशाली होना लिख दिया गया है, वे सदैव जन्नत में रहेंगे जब तक आकाश और धरती विद्यमान् हैं, सिवाय इसके कि अल्लाह अवज्ञाकारी मोमिनों में से जिसे जन्नत से पूर्व दोज़ख में डालना चाहे। जन्नत वालों को मिलने वाली अल्लाह की नेमतें कभी ख़त्म नहीं होंगी।

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