सूरह 100 · जुज़ 30
Al-Adiyat · 100:2
فَالْمُورِيَاتِ قَدْحًا
फिर पत्थरों पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालने वालों की शपथ!
तफ़सीर
और उन घोड़ों की क़सम खाई है, जिनके खुर जब चट्टानों पर तेज़ी से पड़ते हैं, तो उनसे चिंगारियाँ निकलती हैं।
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