सूरह 10 · जुज़ 11

Yunus · 10:94

فَإِنْ كُنْتَ فِي شَكٍّ مِمَّا أَنْزَلْنَا إِلَيْكَ فَاسْأَلِ الَّذِينَ يَقْرَءُونَ الْكِتَابَ مِنْ قَبْلِكَ ۚ لَقَدْ جَاءَكَ الْحَقُّ مِنْ رَبِّكَ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ الْمُمْتَرِينَ

फिर यदि आपको उसमें कुछ संदेह[1] हो, जो हमने आपकी ओर उतारा है, तो उनसे पूछ लें, जो आपसे पहले से पुस्तक (तौरात) पढ़ते हैं। आपके पास, आपके पालनहार की ओर से सत्य आ गया है। अतः आप, कदापि संदेह करने वालों में न हों।
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1. आयत में संबोधित नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को किया गया है। परन्तु वास्तव में उन को संबोधित किया गया है जिन को कुछ संदेह था। यह अर्बी की एक भाषा शैली है।

तफ़सीर

यदि (ऐ रसूल!) आप उस क़ुरआन की सच्चाई के बारे में, जो हमने आपकी ओर उतारा है, संदेह और अचरज में हैं, तो ईमान लाने वाले उन यहूदियों से पूछ लें जो तौरात पढ़ते हैं और उन ईसाइयों से पूछ लें जो इंजील पढ़ते हैं। वे आपको बताएँगे कि आपपर जो उतारा गया है, वह सत्य है; क्योंकि वे अपनी पुस्तकों में उसका विवरण पाते हैं। निःसंदेह आपके पास आपके पालनहार की ओर से वह सत्य आया है, जिसमें कोई संदेह नहीं है। अतः आप कदापि संदेह करने वालों में से न हों।

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