सूरह 10 · जुज़ 11
Yunus · 10:90
۞ وَجَاوَزْنَا بِبَنِي إِسْرَائِيلَ الْبَحْرَ فَأَتْبَعَهُمْ فِرْعَوْنُ وَجُنُودُهُ بَغْيًا وَعَدْوًا ۖ حَتَّىٰ إِذَا أَدْرَكَهُ الْغَرَقُ قَالَ آمَنْتُ أَنَّهُ لَا إِلَٰهَ إِلَّا الَّذِي آمَنَتْ بِهِ بَنُو إِسْرَائِيلَ وَأَنَا مِنَ الْمُسْلِمِينَ
और हमने बनी इस्राईल को सागर पार करा दिया, तो फ़िरऔन और उसकी सेना ने उनका पीछा किया, अत्याचार तथा शत्रुता के ध्येय से। यहाँ तक कि जब वह जलमगन होने लगा, तो बोलाः मैं ईमान ले आया और मान लिया कि उसके सिवा कोई पूज्य नहीं है, जिसपर बनी इस्राईल ईमान लाये हैं और मैं आज्ञाकारियों में हूँ।
तफ़सीर
और हमने सागर को फाड़ने के बाद बनी इसराईल के लिए उसे पार करना आसान बना दिया, यहाँ तक कि उन्होंने उसे सुरक्षित रूप से पार कर लिया। फिर फ़िरऔन और उसके सैनिकों ने अत्याचार और ज़्यादती करते हुए उनका पीछा किया। यहाँ तक कि जब सागर के दोनों भाग उसपर मिल गए और वह डूबने लगा और बचने की कोई उम्मीद न रही, तो कहने लगा : मैं ईमान ले आया कि उसके सिवा कोई सत्य पूज्य नहीं, जिसपर बनी इसराईल ईमान लाए हैं और मैं अल्लाह के आज्ञाकारियों में से हूँ।
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