सूरह 10 · जुज़ 11
Yunus · 10:4
إِلَيْهِ مَرْجِعُكُمْ جَمِيعًا ۖ وَعْدَ اللَّهِ حَقًّا ۚ إِنَّهُ يَبْدَأُ الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُ لِيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ بِالْقِسْطِ ۚ وَالَّذِينَ كَفَرُوا لَهُمْ شَرَابٌ مِنْ حَمِيمٍ وَعَذَابٌ أَلِيمٌ بِمَا كَانُوا يَكْفُرُونَ
उसी की ओर तुमसब को लौटना है। ये अल्लाह का सत्य वचन है। वही उत्पत्ति का आरंभ करता है। फिर वही पुनः उत्पन्न करेगा, ताकि उन्हें न्याय के साथ प्रतिफल प्रदान[1] करे। जो ईमान लाये और सदाचार किये और जो काफ़िर हो गये, उनके लिए खोलता पेय तथा दुःखदायी यातना है, उस अविश्वास के बदले, जो कर रहे थे।
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1. भावार्थ यह है कि यह दूसरा परलोक का जीवन इस लिये आवश्यक है कि कर्मों के फल का नियम यह चाहता है कि जब एक जीवन कर्म के लिये है तो दूसरा कर्मों के प्रतिफल के लिये होना चाहिये।
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1. भावार्थ यह है कि यह दूसरा परलोक का जीवन इस लिये आवश्यक है कि कर्मों के फल का नियम यह चाहता है कि जब एक जीवन कर्म के लिये है तो दूसरा कर्मों के प्रतिफल के लिये होना चाहिये।
तफ़सीर
क़ियामत के दिन तुम सब को उसी एक अल्लाह की ओर लौटना है, ताकि वह तुम्हें तुम्हारे कर्मों का प्रतिफल प्रदान करे। अल्लाह ने लोगों से इसका सच्चा वादा किया है, जो वह नहीं तोड़ेगा। निःसंदेह वह इसमें सक्षम है। वह किसी पिछले उदाहरण के बिना सृष्टि की रचना का आरंभ करता है और फिर उसकी मृत्यु के पश्चात उसे पुनः जीवित करेगा, ताकि उन लोगों को न्याय के साथ प्रतिफल प्रदान करे, जो अल्लाह पर ईमान लाए और सत्कर्म किए। वह न उनकी नेकियों को घटाएगा और न उनके गुनाहों को बढ़ाएगा। जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूलों का इनकार किया, उनके लिए उनके इस इनकार के कारण खौलते हुए जल का पेय होगा, जो उनकी आँतों के टुकड़े-टुकड़े कर देगा तथा उनके लिए दर्दनाक यातना होगी।
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