सूरह 10 · जुज़ 11
Yunus · 10:31
قُلْ مَنْ يَرْزُقُكُمْ مِنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ أَمَّنْ يَمْلِكُ السَّمْعَ وَالْأَبْصَارَ وَمَنْ يُخْرِجُ الْحَيَّ مِنَ الْمَيِّتِ وَيُخْرِجُ الْمَيِّتَ مِنَ الْحَيِّ وَمَنْ يُدَبِّرُ الْأَمْرَ ۚ فَسَيَقُولُونَ اللَّهُ ۚ فَقُلْ أَفَلَا تَتَّقُونَ
(हे नबी!) उनसे पूछें कि तुम्हें कौन आकाश तथा धरती[1] से जीविका प्रदान करता है? सुनने तथा देखने की शक्तियाँ किसके अधिकार में हैं? कौन निर्जीव से जीव को तथा जीव से निर्जीव को निकालता है? वह कौन है, जो विश्व की व्यवस्था कर रहा है? वे कह देंगे कि अल्लाह[2]! फिर कहो कि क्या तुम (सत्य के विरोध से) डरते नहीं हो?
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1. आकाश की वर्षा तथा धरती की उपज से। 2. जब यह स्वीकार करते हो कि विश्व की व्यवस्था अल्लाह ही कर रहा है तो पूजा अराधना भी उसी की होनी चाहिये।
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1. आकाश की वर्षा तथा धरती की उपज से। 2. जब यह स्वीकार करते हो कि विश्व की व्यवस्था अल्लाह ही कर रहा है तो पूजा अराधना भी उसी की होनी चाहिये।
तफ़सीर
(ऐ रसूल!) आप अल्लाह के साथ शिर्क करने वाले इन लोगों से पूछें : वह कौन है, जो आकाश से बारिश बरसाकर तुम्हें जीविका प्रदान करता हैॽ तथा वह कौन है, जो तुम्हें धरती से उसमें उगने वाले पौधों और उसमें पाए जाने वाले खनिजों के साथ जीविका प्रदान करता है? और वह कौन है, जो जीव को निर्जीव से, जैसे मनुष्य को शुक्राणु से और पक्षी को अंडे से निकालता हैॽ तथा वह कौन है, जो निर्जीव को जीव से, जैसे शुक्राणु को जीवधारी से और अंडे को पक्षी से निकालता हैॽ और वह कौन है, जो आकाशों और धरती तथा उनमें रहने वाले प्राणियों के मामलों का प्रबंध करता हैॽ वे अवश्य जवाब देंगे कि इन सब चीज़ों का करने वाला अल्लाह ही है। तो आप उनसे कह दें : क्या तुम लोग इस बात को नहीं जानते और अल्लाह के आदेशों का पालन करके तथा उसके निषेधों से बचकर उससे डरते नहींॽ!
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