सूरह 10 · जुज़ 11

Yunus · 10:21

وَإِذَا أَذَقْنَا النَّاسَ رَحْمَةً مِنْ بَعْدِ ضَرَّاءَ مَسَّتْهُمْ إِذَا لَهُمْ مَكْرٌ فِي آيَاتِنَا ۚ قُلِ اللَّهُ أَسْرَعُ مَكْرًا ۚ إِنَّ رُسُلَنَا يَكْتُبُونَ مَا تَمْكُرُونَ

और जब हम, लोगों को दुःख पहुँचने के पश्चात्, दया (का स्वाद) चखाते हैं, तो तुरन्त हमारी आयतों (निशानियों) के बारे में षड्यंत्र रचने लगते हैं। आप कह दें कि अल्लाह का उपाय अधिक तीव्र है। हमारे फ़रिश्ते तुम्हारी चालें लिख रहे हैं।

तफ़सीर

और जब हम बहुदेववादियों को उनके अकाल और दुखों से पीड़ित होने के पश्चात् बारिश एवं हरियाली का स्वाद चखाते हैं, तो वे हमारी निशानियों का मखौल उड़ाते और उन्हें झुठलाते हैं। (ऐ पैगंबर!) आप इन बहुदेववादियों से कह दें : अल्लाह का उपाय सबसे तीव्र है और वह तुम्हें ढील देने और सज़ा देने में अधिक तेज़ है। निःसंदेह संरक्षक फ़रिश्ते तुम्हारी चालबाज़ियों को लिख रहे हैं। उनसे कोई चीज़ नहीं छूटती है। तो फिर उनके पैदा करने वाले (अल्लाह) से कैसे छूट सकती है?! तथा अल्लाह तुम्हें तुम्हारी चालबाज़ी का बदला देगा।

पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें

आपकी भाषा में तफ़सीर

अरबी तफ़सीरें

अनुवाद

सुनें