सूरह 10 · जुज़ 11
Yunus · 10:103
ثُمَّ نُنَجِّي رُسُلَنَا وَالَّذِينَ آمَنُوا ۚ كَذَٰلِكَ حَقًّا عَلَيْنَا نُنْجِ الْمُؤْمِنِينَ
फिर हम अपने रसूलों को और जो ईमान लाये बचा लेते हैं। इसी प्रकार, हमने अपने ऊपर अनिवार्य कर लिया है कि ईमान वालों को बचा लेते हैं।
तफ़सीर
फिर हम उनपर दंड उतार देते हैं और अपने रसूलों को बचा लेते हैं, तथा उनके साथ ईमान लाने वालों को भी बचा लेते हैं। इसलिए वे उस यातना से पीड़ित नहीं होते, जिससे उनकी क़ौम ग्रस्त होती है। जिस प्रकार हमने उन रसूलों और उनके साथ मोमिनों को बचा लिया, ऐसे ही हम अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को और आपके साथ मोमिनों को बचा लेंगे। यह बचाना हमपर एक सिद्ध अधिकार है।
पाठक में खोलें - पूरी सूरह पढ़ें