Hindi
Ibrahim · 14:44
وَأَنْذِرِ النَّاسَ يَوْمَ يَأْتِيهِمُ الْعَذَابُ فَيَقُولُ الَّذِينَ ظَلَمُوا رَبَّنَا أَخِّرْنَا إِلَىٰ أَجَلٍ قَرِيبٍ نُجِبْ دَعْوَتَكَ وَنَتَّبِعِ الرُّسُلَ ۗ أَوَلَمْ تَكُونُوا أَقْسَمْتُمْ مِنْ قَبْلُ مَا لَكُمْ مِنْ زَوَالٍ
(हे नबी!) आप लोगों को उस दिन से डरायें, जब उनपर यातना आ जायेगी। तो अत्याचारी कहेंगेः हमारे पालनहार! हमें कुछ समय तक अवसर दे, हम तेरी बात (आमंत्रण) स्वीकार कर लेंगे और रसूलों का अनुसरण करेंगे, क्या तुम वही नहीं हो, जो इससे पहले शपथ ले रहे थे कि हमारा पतन होना ही नहीं है?