الهندية
سورة الملك · 67:5
وَلَقَدْ زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِمَصَابِيحَ وَجَعَلْنَاهَا رُجُومًا لِلشَّيَاطِينِ ۖ وَأَعْتَدْنَا لَهُمْ عَذَابَ السَّعِيرِ
और हमने सजाया है संसार के आकाश को प्रदीपों (ग्रहों) से तथा बनाया है उन्हें (तारों को) मार भगाने का साधन शैतानों[1] को, और तैयार की है हमने उनके लिए दहकती अग्नि की यातना।
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1. जो चोरी से आकाश की बातें सुनते हैं। (देखियेः सूरह साफ़्फ़ात, आयतः7-10)
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1. जो चोरी से आकाश की बातें सुनते हैं। (देखियेः सूरह साफ़्फ़ात, आयतः7-10)