الهندية
سورة يوسف · 12:110
حَتَّىٰ إِذَا اسْتَيْأَسَ الرُّسُلُ وَظَنُّوا أَنَّهُمْ قَدْ كُذِبُوا جَاءَهُمْ نَصْرُنَا فَنُجِّيَ مَنْ نَشَاءُ ۖ وَلَا يُرَدُّ بَأْسُنَا عَنِ الْقَوْمِ الْمُجْرِمِينَ
(इससे पहले भी रसूलों के साथ यही हुआ।) यहाँ तक कि जब रसूल निराश हो गये और लोगों को विश्वास हो गया कि उनसे झूठ बोला गया है, तो उनके लिए हमारी सहायता आ गई, फिर हम जिसे चाहते हैं, बचा लेते हैं और हमारी यातना अपराधियों से फेरी नहीं जाती।