Hindi

Ar-Ra'd · 13:14

لَهُ دَعْوَةُ الْحَقِّ ۖ وَالَّذِينَ يَدْعُونَ مِنْ دُونِهِ لَا يَسْتَجِيبُونَ لَهُمْ بِشَيْءٍ إِلَّا كَبَاسِطِ كَفَّيْهِ إِلَى الْمَاءِ لِيَبْلُغَ فَاهُ وَمَا هُوَ بِبَالِغِهِ ۚ وَمَا دُعَاءُ الْكَافِرِينَ إِلَّا فِي ضَلَالٍ

उसी (अल्लाह) को पुकारना सत्य है और जो उसके सिवा दूसरों को पुकारते हैं, वे उनकी प्रार्थना कुछ नहीं सुनते। जैसे कोई अपनी दोनों हथेलियाँ जल की ओर फैलाया हुआ हो, ताकि उसके मुँह में पहुँच जाये, जबकि वह उसतक पहुँचने वाला नहीं और काफ़िरों की पुकार व्यर्थ (निष्फल) ही है।