Hindi
Yusuf · 12:32
قَالَتْ فَذَٰلِكُنَّ الَّذِي لُمْتُنَّنِي فِيهِ ۖ وَلَقَدْ رَاوَدْتُهُ عَنْ نَفْسِهِ فَاسْتَعْصَمَ ۖ وَلَئِنْ لَمْ يَفْعَلْ مَا آمُرُهُ لَيُسْجَنَنَّ وَلَيَكُونًا مِنَ الصَّاغِرِينَ
उसने कहाः यही वह है, जिसके बारे में तुमने मेरी निंदा की है। वास्तव में, मैंने ही उसे रिझाया था। मगर वह बच निकला और यदि, वह मेरी बात न मानेगा, तो अवश्य बंदी बना दिया जायेगा और अपमानितों में हो जायेगा।